उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के आयोजकों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। साथ ही, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियों को बुनियादी स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। अपने बयान में उन्होंने भारतीय अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं के समर्थन में क्या कहा? नाहिद इस्लाम ने कहा, हम चुनावी जवाबदेही की मांग करने और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने वाले भारत के युवाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आयोजकों और पत्रकारों को हाल ही में हिरासत में लिया जाना, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियां सीधे तौर पर बुनियादी स्वतंत्रताओं के लिए खतरा हैं। चुनाव की निष्पक्षता और संस्थानों की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों के पारदर्शी जवाब दिए जाने चाहिए, न कि बैरिकेड लगाकर और सेंसरशिप के जरिए उन्हें दबाया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, यह संघर्ष केवल आपका नहीं है। ढाका से हम आपके साथ दोस्तों की तरह खड़े हैं। हम जवाबदेह सत्ता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मानवीय गरिमा की साझा मांग से जुड़े हैं। नाहिद ने आगे कहा, हम इस संघर्ष को अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि हम खुद इससे गुजर चुके हैं। जुलाई 2024 में सरकारी नौकरियों में भर्ती के कोटे के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में शुरू हुआ हमारा आंदोलन 15 साल के सत्तावादी शासन के खिलाफ देशव्यापी विद्रोह में बदल गया’। ये भी पढ़ें: ‘सरकार ने जवाब में असली गोलियों का इस्तेमाल किया। बाद में संयुक्त राष्ट्र न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'भारतीय युवाओं के साथ खड़े हैं': बांग्लादेश के नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिया समर्थन; क्या बोले?
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के आयोजकों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। साथ ही, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और जंतर-मंतर पर लगाई गई पाबंदियों को बुनियादी स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। अपने बयान में उन्होंने भारतीय अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की अपील की। नाहिद इस्लाम ने भारतीय युवाओं के समर्थन में क्या कहा? नाहिद इस्लाम ने कहा, हम चुनावी जवाबदेही की मांग करने और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा कर