विवाद की शुरुआत हर्षा के उस वीडियो से हुई थी, जिसमें उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े बयान पर सवाल उठाए थे। दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कोई महिला अकेले आती है तो वह किसी अनजान व्यक्ति या धाम के सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करे। उन्होंने यह भी कहा था कि धाम के मंदिर और हॉल की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली जा सकती है, लेकिन करीब पांच किलोमीटर के पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। श्रद्धालुओं से लंबे समय तक धाम में नहीं रुकने और अपनी सुरक्षा व सामान का खुद ध्यान रखने की अपील भी की गई थी।धीरेंद्र शास्त्री के इसी बयान पर साध्वी हर्षा ने सवाल उठाया था। उनका कहना था कि जब धाम के प्रमुख खुद अपने सेवादारों को लेकर श्रद्धालुओं को सावधान कर रहे हैं, तो परिवार अपने बच्चों और महिलाओं को वहां भेजते समय किस आधार पर भरोसा करे। हर्षा ने लोगों को सलाह दी थी कि वे दर्शन के बाद ज्यादा समय धाम में न रुकें और वापस अपने घर लौट जाएं। नए वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अपनी इस सलाह से पीछे नहीं हटेंगी।हर्षा ने अपने नए वीडियो में कुंभ के दौरान धमकियां मिलने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी उन्होंने डरकर पीछे हटने के बजाय अपनी बात रखी थी। उनका कहना है कि धमकियों के बावजूद वह अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी के खिलाफ अपशब्द नहीं बोल रही हैं। जो बात उन्हें सही या गलत लगती है, उस पर अपनी राय रखना उनका अधिकार है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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