तीन दिन की छुट्टियों के कारण दिल्ली एनसीआर के पास के पहाड़ी राज्यों हिमाचल और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। पर्यटन स्थलों के होटल फुल हैं, सड़कें जाम और पार्किंग में जगह नहीं है। एडवांस बुकिंग के बावजूद पर्यटक समय पर होटल नहीं पहुंच सके। पर्यटकों के सैलाब से पहाड़ों का दम बेशक फूल रहा है, लेकिन स्थानीय कारोबारियों का व्यवसाय चमक गया है। होटल, होम स्टे, रेस्तरां और टैक्सी कारोबार को भी रफ्तार मिली। हिमाचल के शिमला, मनाली, कसौली-चायल, धर्मशाला-मैक्लोडगंज और डलहौजी में होटलों की ऑक्यूपेंसी 90 से 100 फीसदी तक पहुंच गई। शिमला में दो दिन में 36 हजार वाहन पहुंचे। शनिवार को होटल ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी रही। शहर में दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। यातायात के भारी दबाव के कारण पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। कई सैलानी घंटों जाम में फंसे रहे और समय पर होटलों तक नहीं पहुंच पाए। कसौली और चायल में होटलों की एडवांस बुकिंग 100 फीसदी तक रही।देश विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रसिद्ध केंद्र बाबा नीब करौरी के कैंची धाम में शनिवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। मंदिर के मुख्य द्वार से हाईवे के दोनों ओर हजारों भक्तों की भीड़ से मंदिर प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। शाम तक 35,000 लोग दर्शन कर चुके थे।कुल्लू जिले में दो दिन में एक लाख से अधिक सैलानी पहुंचे और 11 हजार से ज्यादा टूरिस्ट वाहनों की एंट्री दर्ज की गई। होटल और होम स्टे की ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच गई। मनाली, कसोल और तीर्थन से लेकर रोहतांग और जलोड़ी दर्रा तक पर्यटकों की भारी भीड़ रही। मनाली में दो अक्तूबर को ग्रीन टैक्स बैरियर पर करीब 3,300 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
तीन दिन की छुट्टी: हिमाचल से उत्तराखंड तक महाजाम, दिल्ली-एनसीआर से उमड़े सैलानी; होटल से लेकर पार्किंग तक फुल
तीन दिन की छुट्टियों के कारण दिल्ली एनसीआर के पास के पहाड़ी राज्यों हिमाचल और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। पर्यटन स्थलों के होटल फुल हैं, सड़कें जाम और पार्किंग में जगह नहीं है। एडवांस बुकिंग के बावजूद पर्यटक समय पर होटल नहीं पहुंच सके। पर्यटकों के सैलाब से पहाड़ों का दम बेशक फूल रहा है, लेकिन स्थानीय कारोबारियों का व्यवसाय चमक गया है। होटल, होम स्टे, रेस्तरां और टैक्सी कारोबार को भी रफ्तार मिली। हिमाचल के शिमला, मनाली, कसौली-चायल, धर्मशाला-मैक्लोडगंज और डलहौजी