बैठक की अध्यक्षता नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा करेंगे। इसमें इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अडाणी एयरपोर्ट्स समेत अन्य एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 से शुरू होना है। इसके चलते एयरलाइंस को 25 अक्तूबर से अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन का एक तिहाई हिस्सा बंद करने या उसे नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है। मुंबई और नवी मुंबई दोनों एयरपोर्ट अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के अंतर्गत आते हैं।एयरलाइंस ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। वहीं, अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स का कहना है कि टर्मिनल-1 के भविष्य को लेकर एयरलाइंस के साथ 2020 से ही व्यापक स्तर पर बातचीत चल रही है।अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने 3 अक्तूबर को कहा था कि टर्मिनल-1 के उत्तरी हिस्से को गिराकर उसके पुनर्विकास और इसके बाद कुछ परिचालन को टर्मिनल-2 तथा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने से मुंबई एयरपोर्ट के 91 प्रतिशत यात्री प्रभावित नहीं होंगे।टर्मिनल-1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 में शुरू होगा। इसके बाद इसकी क्षमता मौजूदा 15 करोड़ यात्रियों के बजाय 20 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुंचने की बात कही गई है। मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में शामिल है। यहां टर्मिनल-1 और टर्मिनल-2 हैं। टर्मिनल-1 का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन टर्मिनल-2 से किया जाता है।मुंबई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी एमआईएएल ने 46 एयरलाइंस को 25 अक्तूबर की रात 11 बजकर 59 मिनट से अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान स्लॉट में 33 प्रतिशत कटौती करने की जानकारी दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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