शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया। उन्होंने 11 मार्च 2021 की बांगुर तंत्रिका विज्ञान संस्थान की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की। इसके कुछ घंटे बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया।उत्तर कोलकाता की बेलीघाटा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने रिपोर्ट की प्रामाणिकता को चुनौती दी। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।पत्रकार से नेता बने कुणाल घोष ने सीधे तौर पर कहा कि रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। ऐसे में रिपोर्ट की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।कुणाल घोष ने यह भी कहा कि जब किसी बुजुर्ग व्यक्ति को चोट लगती है, तो इलाज का तरीका डॉक्टर तय करते हैं। उन्होंने कहा, चोट लगी टांग पर पट्टी बांधनी है या फ्रैक्चर के मामले की तरह प्लास्टर करना है, यह संबंधित डॉक्टर तय करते हैं।घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर ममता बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजनीतिक रूप से ममता बनर्जी का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं।जहां कुणाल घोष ने ममता बनर्जी का बचाव किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर तंज कसा। ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी में ‘बागी लेकिन बहुमत’ वाले गुट के नेता हैं।उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को आम लोगों को गुमराह करने की उनकी क्षमता के लिए अब विशेष पुरस्कार दिया जाना चाहिए। ऋतब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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