आरोप है कि यह कोशिश जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-7 के जरिये की गई। इसके अलावा, कम से कम तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें एक मामला मैसूर में भाजपा के स्थानीय नेता और अन्य लोगों के खिलाफ है। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके, उसके परिवार और मुस्लिम समुदाय के दूसरे लोगों के मतदाता सूची से हटाने की साजिश की गई। इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समाज में अशांति पैदा करने की कोशिश की गई। बेलगावी में 198 नामों को लेकर क्या आरोप है? रवि पाटिल के खिलाफ मामला बेलगावी मार्केट थाने में दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, यह प्राथमिकी 30 सितंबर को मीरासाब सनदी की शिकायत के बाद दर्ज हुई। सनदी बेलगावी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (बीएलओ) के तौर पर काम कर रहे थे। प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि वह 22 सितंबर को बीएलओ की मदद कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी रवि पाटिल, शंकर बीरप्पा नाइक और प्रशांत दीपक मुंडिनमणि 20-25 अन्य लोगों के साथ वहां आए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन लोगों की खराब मंशा थी। उन्होंने केवल मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाने की साजिश की। ये भी पढ़ें: आरोप है कि 198 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन्हें बीएलओ के पास जमा किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन दस्तावेजों को यह कहकर पेश किया गया कि वे असली हैं और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने जारी किए हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के साथ लाए गए फॉर्म-7 में शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के नाम भी थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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