छात्रों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई के घंटे बहुत लंबे हैं। कक्षाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कई कमरों में बहुत गर्मी रहती है। शिक्षकों और दूसरे कर्मचारियों की कमी से भी पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्र स्कूलों के बजट में कटौती का भी विरोध कर रहे हैं।फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार को दिन की शुरुआत से 564 स्कूलों में प्रदर्शन या किसी तरह की रुकावट की घटनाएं सामने आईं। शिक्षा मंत्री एडुआर गेफ्रे ने कहा कि देश के करीब 3,700 हाईस्कूलों में से लगभग 400 शुक्रवार को बंद रहने की आशंका थी। कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की योजना भी बनाई।पेरिस में दो हाईस्कूलों के प्रवेश द्वारों पर आग लगने से नुकसान हुआ। इनमें लियोनार्ड डी विंची और गैस्टन-बाशेलार्ड स्कूल शामिल हैं। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। ल्योन शहर में भी प्रदर्शन के दौरान आगजनी हुई। दक्षिणी शहर मार्सेई में कई स्कूलों ने दूरस्थ पढ़ाई की व्यवस्था करने की योजना बनाई।शिक्षा मंत्री एडौर्ड गेफ्रे के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 170 छात्र घायल हुए हैं। कम से कम 65 कर्मचारी भी चोटिल हुए हैं। इनमें 40 हाईस्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसके अलावा 100 से अधिक हाईस्कूलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।न्याय मंत्री जेराल्ड डरमानिन ने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद से करीब 2,000 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। इनमें 90 प्रतिशत नाबालिग हैं। उन्होंने अभियोजकों से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों की ओर से की गई तोड़फोड़ के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराने और मरम्मत का खर्च वसूलने की कार्रवाई की जाए।सरकार ने छात्रों की शिकायतों को जायज माना है। हालांकि, उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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