भारतीय कंपनी और विदेशी कंपनी में क्या अंतर है? भारत में निगमित कंपनी भारत में निगमित कंपनी वह कंपनी है जो भारत में कंपनी कानून के तहत निगमित हुई हो। भारतीय कंपनी आम कारोबारी इस्तेमाल का शब्द है। इसे कंपनी अधिनियम में सरकारी कंपनी या प्राइवेट कंपनी की तरह अलग कानूनी श्रेणी नहीं माना जाता। टाटा मोटर्स और इंफोसिस भारत में निगमित कंपनियों के उदाहरण हैं। विदेशी कंपनी कंपनी अधिनियम के अनुसार विदेशी कंपनी वह कंपनी या बॉडी कॉरपोरेट है जो भारत के बाहर निगमित हुई हो और भारत में उसका कारोबार का स्थान हो या वह भारत में किसी अन्य तरीके से कारोबारी गतिविधि करती हो। भारत में यह गतिविधि सीधे या एजेंट के जरिए, भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकती है। गूगल और सैमसंग जैसी विदेश में निगमित कंपनियां, भारत में कारोबार करने की स्थिति में, विदेशी कंपनी से जुड़े कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के दायरे में आ सकती हैं। स्मॉल कंपनी स्मॉल कंपनी यानी छोटी कंपनी की पहचान उसके आकार से जुड़े कानूनी मानकों के आधार पर होती है। कंपनी अधिनियम के तहत स्मॉल कंपनी ऐसी कंपनी है जो पब्लिक कंपनी नहीं है और जिसकी चुकता शेयर पूंजी या टर्नओवर कानून में तय सीमा के भीतर है। वर्तमान प्रावधानों के तहत निर्धारित सीमा चुकता शेयर पूंजी के लिए 10 करोड़ रुपये तक और टर्नओवर के लिए 100 करोड़ रुपये तक है। हालांकि हर छोटी कंपनी स्मॉल कंपनी नहीं होती। होल्डिंग कंपनी, सब्सिडियरी कंपनी, सेक्शन 8 कंपनी और किसी विशेष कानून के तहत बनी कंपनी को इस श्रेणी में नहीं रखा जाता। लिस्टेड कंपनी जिस कंपनी की कोई प्रतिभूति किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होती है, उसे लिस्टेड कंपनी कहा जाता है। यानी कंपनी की प्रतिभ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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