चश्मदीद यात्री अलमोग से बातचीत अलमोग: हम ठीक हैं और धीरे-धीरे इस सदमे से उबर रहे हैं। हमने जिस खौफनाक मंजर का सामना किया है, उसे पूरी तरह समझ पाने में अभी वक्त लगेगा। लेकिन हम स्थिति को संभाल रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे हीरो, ग्लोबल हीरो कैप्टन स्मित को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते देखना हमारे लिए बेहद भावुक और सुखद पल था।अलमोग: यह दुबई से तेल अवीव की एक सामान्य फ्लाइट थी। शुरुआत के दो घंटे सब कुछ बिल्कुल ठीक रहा। लेकिन अचानक विमान बहुत तेजी से गोता खाने लगा। करीब 30 सेकंड तक विमान तेजी से नीचे गिरा, फिर थोड़ा संभला और दोबारा रोलर कोस्टर की तरह नीचे जाने लगा। जी-फोर्स इतना ज्यादा था कि संभलना मुश्किल हो रहा था। लगभग 50 सेकंड बाद जब विमान थोड़ा स्थिर हुआ, तो हमने देखा कि कुछ लोग कॉकपिट की तरफ दौड़े। करीब 4-5 मिनट बाद उनमें से एक व्यक्ति ने आकर बताया कि कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मार दिया है। इसके बाद एक यात्री और क्रू मेंबर ने मोर्चा संभाला। संयोग से फ्लाइट में बाहर एक तीसरा पायलट भी सफर कर रहा था, जिसने कॉकपिट में जाकर विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और सुरक्षित लैंडिंग की जगह तलाशने लगा।अलमोग: कोई चेतावनी या अलर्ट नहीं मिला था। पहले हमें लगा कि यह सामान्य टर्बुलेंस (हवा का दबाव) है, लेकिन यह उससे कहीं अधिक खतरनाक था। विमान का नीचे गिरने का कोण बेहद डरावना था। मैंने अपने जीवन में सैकड़ों-हजारों बार उड़ान भरी है, लेकिन ऐसा भयानक अनुभव कभी नहीं देखा। हमारे पास सीटबेल्ट तक बांधने का समय नहीं था। मैंने तुरंत अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को सीटबेल्ट बांधी। हम पंक्ति 19 और 20 पर विंग (पंखों) के ठीक ऊपर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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