मीटिंग में बताया गया कि अभी राज्य में 560 टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है। इस दौरान पैनल के सदस्यों ने अगले मॉनसून तक 10 महीनों के लिए पीने के पानी की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सही प्लानिंग का सुझाव दिया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने बारिश कम होने के कारण राज्य के 358 तालुकों में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया है और राहत उपायों की घोषणा की है। इसमें फसल लोन का रीस्ट्रक्चरिंग, जमीन के राजस्व में छूट और बिजली बिल पर सब्सिडी भी शामिल हैं।सूखे की स्थिति घोषित करने और राहत कार्य शुरू करने के लिए सरकार ने सूखा प्रबंधन मैनुअल 2016 (2020 में अपडेटेड) और सूखा प्रबंधन कोड के तहत ‘ट्रिगर-1’ को एक्टिवेट कर दिया है। ‘ट्रिगर-1’ राज्य में सूखा फ्रेमवर्क का पहला चरण होता है। यह तब एक्टिवेट होता है जब बारिश में 25 प्रतिशत से ज्यादा की कमी हो और साथ ही 21 दिनों तक सूखा मौसम रहे। मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल के अनुसार, डिविजनल कमिश्नरों से राज्य के 265 तालुकों में पानी की कमी की स्थिति की सूचना मिली है। सूखे की यह स्थिति ‘ट्रिगर-1’ के मानदंड में आता है, जबकि 43 तालुके ‘ट्रिगर-2’ के तहत योग्य पाए गए हैं। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि 43 तालुकों और अन्य प्रभावित इलाकों के लिए जरूरी सरकारी आदेश बिना किसी प्रक्रियात्मक देरी के जारी किया जाना चाहिए। ‘ट्रिगर-2’ सूखा मूल्यांकन का दूसरा चरण है, इसमें कृषि संबंधी संकेतकों का इस्तेमाल करके सूखे की गंभीरता और वास्तविक असर का आकलन किया जाता है। इसमें मुख्य संकेतकों में फसल बोने वाले क्षेत्र का दायरा और फसल की कुल स्थिति/नुकसान, भूजल स्तर की स्थिति और बड़े जलाशयों में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
सूखे के संकट के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: लोन वसूली के लिए बैंकों को निर्देश, मंत्री ने क्या कहा?
मीटिंग में बताया गया कि अभी राज्य में 560 टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है। इस दौरान पैनल के सदस्यों ने अगले मॉनसून तक 10 महीनों के लिए पीने के पानी की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए सही प्लानिंग का सुझाव दिया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने बारिश कम होने के कारण राज्य के 358 तालुकों में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया है और राहत उपायों की घोषणा की है। इसमें फसल लोन का रीस्ट्रक्चरिंग, जमीन के राजस्व में छूट और बिजली बिल पर सब्सिडी भी शामिल हैं।सूखे