शीर्ष कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दलीलें सुनेगा। सवाल यह है कि क्या प्रवासियों को ऐसे देशों में भेजने से पहले अपनी आपत्ति रखने का उचित मौका मिलना चाहिए, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से निचली अदालत का फैसला फिलहाल रुक गया है। संघीय सरकार के वकीलों ने कहा कि निचली अदालत के फैसले के कारण एक निर्वासन उड़ान रद्द करनी पड़ी थी। इस उड़ान में करीब 70 लोगों को तीन देशों में भेजा जाना था। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ऐसी निर्वासन उड़ानों को अस्थायी रूप से जारी रखने की अनुमति दे चुका है। ये उड़ानें ट्रंप प्रशासन की प्रमुख नीतियों में शामिल हैं। यह मामला पिछले साल भी सुप्रीम कोर्ट के सामने आया था। ट्रंप प्रशासन ने कई ऐसे समझौतों के तहत लोगों को तीसरे देशों में भेजा है। इनमें से कई समझौते गोपनीय रखे गए हैं। प्रशासन अब तक करीब 25 हजार लोगों को दो दर्जन से ज्यादा देशों में भेज चुका है। इनमें लाइबेरिया और गुयाना भी शामिल हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर लोगों को मैक्सिको भेजा गया है। ट्रंप प्रशासन कहता है कि जिन लोगों के खिलाफ निर्वासन का अंतिम आदेश है, उन्हें तीसरे देशों में भेजा जाता है। ऐसा तब किया जाता है, जब उन्हें उनके अपने देश वापस भेजना संभव नहीं होता। यह भी स्थिति हो सकती है कि उनका अपना देश उन्हें वापस लेने से इनकार कर दे। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले में दोषसिद्धि हो चुकी है। ये भी पढ़ें: संघीय सरकार के वकीलों के अनुसार, तीसरे देशों की सरकारें यह भरोसा दिलाती हैं कि वहां भेजे गए लोगों को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। उन्हें यातना भी नहीं दी जाएगी। लेकिन कुछ प्रवासियों के साथ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमेरिका से तीसरे देशों में भेजे जा सकेंगे प्रवासी: ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत; क्या है नीति?
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दलीलें सुनेगा। सवाल यह है कि क्या प्रवासियों को ऐसे देशों में भेजने से पहले अपनी आपत्ति रखने का उचित मौका मिलना चाहिए, जिनसे उनका कोई संबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से निचली अदालत का फैसला फिलहाल रुक गया है। संघीय सरकार के वकीलों ने कहा कि निचली अदालत के फैसले के कारण एक निर्वासन उड़ान रद्द करनी पड़ी थी। इस उड़ान में करीब 70 लोगों को तीन देशों में भेजा जाना था। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ऐसी निर्वासन उड़ानों को अस्थायी रूप से जारी रखने की अनुमति दे