1 of 12 Ram mandir donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स चार्जशीट में करुणेश पांडेय दो बार चोरी करते और 68 बार सह-अभियुक्तों की मदद करते दिखाई दिया। मनीष कुमार यादव 16 बार चढ़ावे की रकम अपने पास रखते और 19 बार अन्य अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी के मामले में पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा और कॉल डिटेल रिकॉड (सीडीआर) के आधार पर अभियुक्तों की भूमिका का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि सीसीटीवी फुटेज में कुल 85 बार चढ़ावे की रकम चोरी करते और चार बार अन्य अभियुक्तों को चोरी में सहयोग करते दिखाई दिया। 2 of 12 राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी रमाशंकर मिश्र एक बार चढ़ावे की रकम हटाकर अपने पास रखते, जबकि लवकुश मिश्रा एक बार चोरी करते और 52 बार अन्य सह-अभियुक्तों की मदद करते दिखाई दिया। वहीं, अनुकल्प मिश्र 56 बार अन्य सह-अभियुक्तों को चढ़ावे की रकम हटाने में सहयोग करते सीसीटीवी में दिखाई दिया। 3 of 12 राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी सीडीआर में लगातार संपर्क, षड्यंत्र का आरोप सीडीआर के विश्लेषण में संबंधित अवधि के दौरान अभियुक्तों के बीच लगातार संपर्क पाए जाने का दावा किया गया है। चार्जशीट में सीसीटीवी, डिजिटल, मौखिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आपसी समन्वय और आपराधिक षड्यंत्र के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। 4 of 12 राम मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी पुलिस ने आरोप लगाया है कि अभियुक्तों ने सुविचारित और सुनियोजित तरीके से गणना कक्ष से चढ़ावे की रकम की चोरी और आपराधिक न्यासभंग किया। हालांकि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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