पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली में होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सकती है। चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां आना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके आदेशों को पूरी कानूनी मंजूरी हासिल है और वे वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं। इससे पहले 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने एसआईआर प्रक्रिया तथा चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से सामूहिक रूप से संपर्क किया था। इससे इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच व्यापक समन्वय का संकेत मिला है। हुगली के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया भाजपा को विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए की गई और वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल भाजपा के हित में किया गया। उन्होंने कहा कि अब इससे जुड़ी सच्चाई सामने आ रही है। हालांकि, ये ममता बनर्जी के राजनीतिक आरोप हैं और चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया तथा इससे जुड़े दावों पर अपना पक्ष अदालत में रखा है।ममता बनर्जी ने कहा “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजा और उनसे कहा कि हमें साथ बैठना चाहिए।” उनके मुताबिक, इंडिया ब्लॉक की यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 30 स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
राजनीति: एसआईआर विवाद के बीच 30 सितंबर को दिल्ली में जुटेगा इंडिया ब्लॉक? ममता बोलीं- राहुल से हुई बैठक की बात
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली में होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सकती है। चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी बहुसदस्यीय संस्था में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां आना सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा