बांग्लादेश के प्रमुख बंगाली अखबार ‘द डेली इत्तेफाक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि निरंजन की हत्या किसने की या इसके पीछे क्या मकसद था; शुक्रवार तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के ओसी मुहम्मद शिबिरुल इस्लाम के अनुसार, मृतक के सिर और छाती पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। पुलिस का मानना है कि शव को ड्रम में डालकर पानी में फेंकने से पहले ही निरंजन की हत्या कर दी गई थी।पुलिस ने बताया कि ड्रम से मिले शव की पैंट की जेब से मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन लिमिटेड का एक टोकन मिला। टोकन के जरिए संस्था से संपर्क करने पर पुलिस मृतक की पहचान निरंजन चंद्र के तौर पर कर पाई। बाद में उनकी पत्नी सुमिता रानी सूत्रधार और बेटे जॉय सूत्रधार ने शव की पहचान की।‘द डेली इत्तेफाक’ ने कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रूहुल अमीन के हवाले से कहा, “टोकन मिलने के बाद मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन लिमिटेड से संपर्क किया गया। संस्था के लोगों ने टोकन देखकर निरंजन की पहचान करने में मदद की। बाद में परिवार से संपर्क करके उनकी पहचान की पुष्टि की गई।“रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार सुबह बेगुनबाड़ी इलाके में नहर के पास पानी में एक ड्रम तैरता हुआ देखकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया।इस हालिया घटना ने पूरे बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों में चिंताजनक बढ़ोतरी को उजागर किया है। यह सिलसिला मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ था और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के तहत भी जारी है।ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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