न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों में कभी-कभी उतार-चढ़ाव आता रहा है, लेकिन अभी नेपाल और भारत के बीच रिश्ते अच्छे दौर में हैं। उन्होंने कहा कि काठमांडो भारत के साथ संबंधों में मतभेदों के बजाय अवसरों पर ध्यान देते हुए व्यावहारिक तरीका अपना रहा है। शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल और भारत के संबंध बहुत मजबूत और कई स्तरों वाले हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल के कुल व्यापार का करीब दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है। दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी काफी मजबूत हैं। खनाल ने कहा कि राजनीतिक स्तर पर कभी-कभी रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन मौजूदा समय में दोनों देशों के संबंधों को वह बेहतरीन मानते हैं। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल की नई सरकार के बीच संबंधों से जुड़े सवाल के जवाब में कही।खनाल ने बताया कि उन्होंने न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच भारत-नेपाल संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें विकास साझेदारी और ऊर्जा सहयोग की प्रगति पर चर्चा हुई। नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर हुई।भारत और चीन के बीच संतुलन को लेकर पूछे गए सवाल पर खनाल ने कहा कि नेपाल अब रिश्तों को केवल वैचारिक नजरिए से देखने के बजाय व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सीमा जैसे विवादित मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन नेपाल का मौजूदा तरीका यह देखने का है कि सहयोग के कौन-कौन से अवस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत को लेकर खोले पत्ते: रिश्तों को बताया बेहतरीन, जयशंकर से मुलाकात का भी किया जिक्र
न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों में कभी-कभी उतार-चढ़ाव आता रहा है, लेकिन अभी नेपाल और भारत के बीच रिश्ते अच्छे दौर में हैं। उन्होंने कहा कि काठमांडो भारत के साथ संबंधों में मतभेदों के बजाय अवसरों पर ध्यान देते हुए व्यावहारिक तरीका अपना रहा है। शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल और भारत के संबंध बहुत मजबूत और कई स्तरों वाले हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल के कुल व्यापार का करीब दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ होता है। दोनों देशों के बीच सामाजिक और