स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों से कहा कि उन्हें सदन के अंदर इस तरह के बैनर लाने की अनुमति किसने दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नियंत्रण में नहीं है। स्पीकर ने चेतावनी दी कि सदस्य अपनी सीटों पर लौटें, अन्यथा उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव सदन में पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया कि सदन केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल और शीघ्र बहाल करने का आह्वान करता है। प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने की बात भी कही गई। स्टेटहुड के प्रस्ताव पर सदन में सत्ता पक्ष और भाजपा विधायकों के बीच नारेबाजी और तीखी बहस हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई, जबकि भाजपा विधायकों ने इसका विरोध करते हुए सरकार से अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की। इससे पहले भी विधानसभा के मौजूदा सत्र में स्टेटहुड और सरकार के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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