उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘प्रभाव का मतलब छूट नहीं है। यानी किसी का प्रभाव उसे कानून से सुरक्षा नहीं देता।’ मुंढे के मुताबिक, जब किसी खाद्य उत्पाद के प्रचार की बात आती है तो लोक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में ऐसे ों को लेकर कलाकारों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनसे व्यापक जनहित में चिंता पैदा हुई है।मुंढे ने अपने पोस्ट में कहा कि प्रभाव का इस्तेमाल ऐसी चीजों को बढ़ावा देने का लाइसेंस नहीं बन सकता, जो लोक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। उन्होंने लिखा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उनके मुताबिक, किसी व्यावसायिक हित को लोक स्वास्थ्य से ज्यादा प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।मुंढे का यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट, खासकर स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े करने वाले उत्पादों के , चर्चा में हैं। महाराष्ट्र एफडीए ने अगस्त में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के से जुड़े मामले में नोटिस जारी किए थे। एफडीए ने इस को विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन से जोड़ा था।अपने पोस्ट के साथ मुंढे ने राष्ट्रपति के वीडियो को भी साझा किया। दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह उत्पादों का प्रचार नहीं करने की अपील की थी। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि लोकप्रिय फिल्म कलाकारों में देश के लोगों, खासकर युवाओं को प्रभावित करने की बड़ी क्षमता होती है। उनके मुताबिक, सफल कलाकार जब अनुशासित जीवनशैली के फायदे बताते हैं तो लाखों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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