सरकार ने आम लोगों को सलाह दी है कि दर्द निवारक दवाओं और एंटीबायोटिक का बिना चिकित्सकीय सलाह के मनमाने तरीके से, बार-बार या लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। एंटीबायोटिक का इस्तेमाल खुद से इलाज करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी स्थितियों में भी इनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जहां चिकित्सकीय रूप से एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं है। इनमें ज्यादातर सामान्य वायरल संक्रमण शामिल हैं। डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्य पेशेवर की ओर से लिखी गई एंटीबायोटिक दवा को बताए गए तरीके से ही लेना चाहिए। इसे किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए और बची हुई दवा का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है या किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का कोई अन्य जोखिम है, उन्हें दर्द निवारक दवाएं लेने से पहले अपने स्वास्थ्य पेशेवर को इसकी जानकारी देने की सलाह दी गई है। सरकार ने कहा है कि दर्द, बुखार या अन्य लक्षण बने रहते हैं या बार-बार लौटते हैं तो लोग खुद से बार-बार दर्द निवारक या एंटीबायोटिक लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। स्वास्थ्य पेशेवरों को दर्द निवारक दवाएं और एंटीबायोटिक तभी लिखने की सलाह दी गई है, जब चिकित्सकीय रूप से इसकी जरूरत हो। दवा लिखते समय मरीज की स्थिति, उम्र, अन्य बीमारियों, साथ में चल रही दवाओं और संबंधित जोखिमों को ध्यान में रखने को कहा गया है। दर्द निवारक दवाएं लिखते समय खासकर किडनी की समस्या के अधिक जोखिम वाले मरीजों में कम से कम प्रभावी खुराक और कम से कम उचित अवधि को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने, शरीर में पानी की कमी, हृदय संबंधी बीमारी या दर्द निवारक दवाओँ से जुड़े जोखिम बढ़ाने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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