बॉम्बे उच्च न्यायालय ने धन शोधन के आरोपी कारोबारी विजय माल्या को कड़ी चेतावनी दी है। न्यायालय ने उन्हें सोशल मीडिया पर अदालत के दस्तावेज साझा करने से रोका है। यह चेतावनी तब दी गई जब उनका मामला अभी भी लंबित है। न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव ने इसे गंभीर आचरण बताया। क्या है माल्या की याचिका और ईडी का जवाब? प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील आशीष मेहता ने माल्या की ओर से दस्तावेज साझा किए जाने के बारे में अदालत को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माल्या ने एजेंसी का शपथ पत्र सोशल मीडियापर साझा कर दिया था। यह शपथ पत्र उनकी याचिका के जवाब में था। माल्या ने इसे अदालत में जमा होने से पहले ही अपलोड कर दिया था। ईडी ने 8 सितंबर को शपथ पत्र दाखिल किया था। उसी दिन इसे माल्या की कानूनी टीम को भी दिया गया था। मामले की सुनवाई 9 सितंबर को होनी थी। लेकिन पूर्व शराब कारोबारी ने उसी शाम शपथ पत्र सोशल मीडिया पर डाल दिया।न्यायमूर्ति जाधव ने माल्या के वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई से कहा कि वे अपने मुवक्किल को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दें। अदालत ने कहा कि यह अच्छा आचरण नहीं है और यह अदालत के प्रभाव को कमजोर करता है। माल्या ने 2020 में एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को बंद करने की मांग की थी। उनका दावा था कि बैंकों के साथ विवाद बकाया वसूली के बाद सुलझ गया है। ईडी ने अपने जवाब में कहा कि कारोबारी भारत में कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं। केवल संपत्ति की वसूली से उन्हें धन शोधन के आरोपों से मुक्ति नहीं मिलती। उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई 13 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बॉम्बे हाईकोर्ट: विजय माल्या को सोशल मीडिया पर दस्तावेज साझा करने पर कड़ी चेतावनी, जानिए क्या है पूरा मामला
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने धन शोधन के आरोपी कारोबारी विजय माल्या को कड़ी चेतावनी दी है। न्यायालय ने उन्हें सोशल मीडिया पर अदालत के दस्तावेज साझा करने से रोका है। यह चेतावनी तब दी गई जब उनका मामला अभी भी लंबित है। न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव ने इसे गंभीर आचरण बताया। क्या है माल्या की याचिका और ईडी का जवाब? प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील आशीष मेहता ने माल्या की ओर से दस्तावेज साझा किए जाने के बारे में अदालत को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माल्या ने एजेंसी का शपथ पत्र सोशल मीडियापर साझा कर दिया था। यह श