किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की पटकथा को भी पीछे छोड़ दे, ऐसी खौफनाक साजिश रचकर केतन अग्रवाल की हत्या करने के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में 5,053 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस विस्तृत चार्जशीट में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हांगे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस पूरे मर्डर केस की सबसे बड़ी और अहम कड़ी ‘माही’ नाम का वह फेक अकाउंट बना, जिसके जरिए केतन को सिया के जन्मदिन का सरप्राइज देने के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया गया और फिर वहां उसे बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया गया। केतन को ‘माही’ नाम के फेक अकाउंट से मैसेज में क्या? चार्जशीट में किए गए खुलासे के मुताबिक, जब हत्या की पिछली तमाम कोशिशें नाकाम हो गईं, तब सिया और चेतन के दोस्त रितेश हांगे ने केतन को फंसाने के लिए एक नया और बेहद शातिर डिजिटल जाल बिछाया। आरोपियों ने अपनी एक परिचित लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाया। इसके बाद 18 जून को इसी ‘माही’ नाम के फेक अकाउंट से केतन के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा गया। मैसेज में लिखा था, “मैं सिया की खास दोस्त माही बोल रही हूं। हमें लोहागढ़ किले पर सिया का जन्मदिन मनाना है और उसे एक बहुत बड़ा सरप्राइज देना है। तुम सिया को लेकर चुपचाप किले पर आ जाओ।” पुणे में हत्या, आंखों ही आंखों में चेतन को इशारा बेहद सीधे और भोले-भाले स्वभाव का केतन इस फेक अकाउंट और सरप्राइज पार्टी के मैसेज को पूरी तरह सच मान बैठा। वह बिना किसी शक-शुब्हे के बेहद खुशी-खुशी सिया को साथ लेकर लोहागढ़ किले की ओर निकल पड़ा। उसे जरा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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