विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, जो रूसी तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं। हालांकि, विधेयक पारित होते ही टैरिफ अपने आप लागू नहीं होंगे; कुछ शर्तें पूरी होने पर राष्ट्रपति को कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।क्वात्रा ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरत विकास की बुनियादी आवश्यकता है और देश को अपने लोगों के लिए भरोसेमंद, सस्ती तथा निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करनी है।सोशल मीडिया मंच एक्स पर ‘पीपुल फर्स्ट: व्हाट ड्राइव्स इंडियाज एनर्जी इम्पेरेटिव’ शीर्षक से पोस्ट की गई शृंखला में क्वात्रा ने कहा कि ऊर्जा 1.4 अरब भारतीयों के लिए रणनीतिक जरूरत और विकास की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था और तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है। इसके बावजूद एक औसत भारतीय की ऊर्जा खपत वैश्विक औसत के एक-तिहाई से भी कम और औसत अमेरिकी की खपत की करीब एक-दसवीं है। उनके मुताबिक, यही अंतर बताता है कि भारत की ऊर्जा जरूरत आगे भी बढ़ती रहेगी।क्वात्रा के अनुसार भरोसेमंद और सस्ती ऊर्जा घरों, खेतों, अस्पतालों, स्कूलों, कारखानों और परिवहन को चलाने के लिए जरूरी है। इससे लोगों की आजीविका और आर्थिक विकास भी जुड़ा है।भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल और करीब आधी प्राकृतिक गैस आयात करता है। ऐसे में देश के लिए विदेशों से पर्याप्त, सस्ती और लगातार ऊर्जा हासिल करना अहम है।राजदूत क्वात्रा ने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद का आधार देश के लोगों की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमारी खरीद एक बुनियादी राष्ट्रीय जिम्मेदारी को दर्शाती है, अपने लोगों के लिए पर्याप्त, सस्ती और निर्बाध ऊर्जा सुनिश्चित करने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें