यूपीआई के लिए टिकाऊ राजस्व व्यवस्था जरूरी है, ताकि पूरे डिजिटल भुगतान तंत्र को लगातार सरकारी मदद पर निर्भर न रहना पड़े। समिति ने चरणबद्ध राजस्व मॉडल तलाशने की बात कही, जबकि छोटे शहरों में डिजिटल भुगतान बढ़ाने के लिए तीन साल की योजना और कैशबैक को भी जरूरी माना। समिति के मुताबिक, पहले की सिफारिशों के तहत चरणबद्ध एमडीआर व्यवस्था के लिए कानूनी प्रावधान आगे बढ़ाए गए हैं। समिति ने कहा कि 2,000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर तय दर से एमडीआर लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। समिति के अनुसार, इस ढांचे को लागू करने में देरी से भुगतान सेवा प्रदाताओं की सब्सिडी पर निर्भरता बनी रहेगी और साइबर सुरक्षा तथा धोखाधड़ी रोकने के निवेश पर असर पड़ सकता है। समिति ने टियर-3 से टियर-6 शहरों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित तीन साल की बहुवर्षीय योजना और कैशबैक व्यवस्था को भी जरूरी बताया। रिपोर्ट को 12 अगस्त को अपनाए जाने के समय समिति के पांच कांग्रेस सांसद मौजूद थे और प्रकाशित कार्यवाही में कोई असहमति दर्ज नहीं हुई। इस साल संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने यूपीआई के लिए चरणबद्ध एमडीआर व राजस्व व्यवस्था बनाने पर जोर दिया था। समिति ने कहा था कि इस व्यवस्था को बिना देरी अधिसूचित कर लागू किया जाना चाहिए। उसका तर्क था कि यूपीआई व्यवस्था को लंबे समय तक सरकारी खजाने पर निर्भर रखना वित्तीय रूप से टिकाऊ नहीं है।वित्त संबंधी स्थायी समिति में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के. गोपीनाथ शामिल थे। ये पांचों 12 अगस्त को संसद में मौजूद थे, जब समिति की रिपोर्ट को अपनाया गया। प्रकाशित कार्यवाही में किसी अस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
यूपीआई शुल्क पर कांग्रेस में ही उलझा पेच: राहुल का विरोध, लेकिन पार्टी सांसदों ने की थी पैरवी; क्या है मामला?
यूपीआई के लिए टिकाऊ राजस्व व्यवस्था जरूरी है, ताकि पूरे डिजिटल भुगतान तंत्र को लगातार सरकारी मदद पर निर्भर न रहना पड़े। समिति ने चरणबद्ध राजस्व मॉडल तलाशने की बात कही, जबकि छोटे शहरों में डिजिटल भुगतान बढ़ाने के लिए तीन साल की योजना और कैशबैक को भी जरूरी माना। समिति के मुताबिक, पहले की सिफारिशों के तहत चरणबद्ध एमडीआर व्यवस्था के लिए कानूनी प्रावधान आगे बढ़ाए गए हैं। समिति ने कहा कि 2,000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर तय दर से एमडीआर लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। समिति के अनुसार, इस ढांचे को ला