टीएमसी का यह विवाद अब तक कई दौर की दलीलों और सुनवाई से गुजर चुका है। दो जुलाई को ऋतब्रत के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आयोग के सामने पेश हुआ था। गुट ने बहुमत का समर्थन होने का दावा करते हुए पार्टी के संगठन और संपत्तियों पर नियंत्रण की मांग की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा। ममता गुट ने असंतुष्ट नेताओं के दावे को खारिज करते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को वैध बताया। आयोग ने 12 सितंबर को दोनों गुटों की फिर सुनवाई की और 16 सितंबर की समयसीमा से पहले अतिरिक्त सामग्री मांगी। टीएमसी के बागी गुट के विधायक संदीपन साहा ने कहा, “हम वहां अपना पक्ष रखेंगे। हमें उम्मीद है।” ममता गुट के एक वरिष्ठ सदस्य ने भी पुष्टि की कि उसके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को शाम चार बजे पेश होने के लिए बुलाया गया है। ममता गुट के वरिष्ठ सांसद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सभी जरूरी सबूत और दस्तावेज होने के बावजूद मामले में जानबूझकर देरी कर रहा है और इस मुद्दे को लेकर “बहुत शोर पैदा करने की कोशिश कर रहा है।“दोनों गुटों की लगातार होने वाली यह सुनवाई बुधवार को आयोग में दस्तावेज और कानूनी सामग्री जमा करने के एक दिन बाद हो रही है। यह नंदीग्राम और रेजिनगर में छह अक्तूबर को होने वाले उपचुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की 16 सितंबर की समयसीमा खत्म होने के कुछ घंटे बाद भी हो रही है।इस समय ने संगठनात्मक नियंत्रण तक सीमित इस विवाद को और महत्वपूर्ण बना दिया है। तत्काल सवाल यह है कि क्या दोनों में से कोई गुट उपचुनाव में ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेगा या अंतिम फैसला होने तक आयोग इस चिह्न को रोक देगा।ममता गुट का कहना है कि पार्टी के संविधान के तह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
टीएमसी का घमासान: ममता और ऋतब्रत गुट की आज चुनाव आयोग के सामने पेशी, बंगाल उपचुनाव से पहले सुनवाई क्यों अहम?
टीएमसी का यह विवाद अब तक कई दौर की दलीलों और सुनवाई से गुजर चुका है। दो जुलाई को ऋतब्रत के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आयोग के सामने पेश हुआ था। गुट ने बहुमत का समर्थन होने का दावा करते हुए पार्टी के संगठन और संपत्तियों पर नियंत्रण की मांग की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा। ममता गुट ने असंतुष्ट नेताओं के दावे को खारिज करते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को वैध बताया। आयोग ने 12 सितंबर को दोनों गुटों की फिर सुनवाई की और 16 सितंबर की समयसीमा से पहले अतिरिक्त सामग्री मांग