मंजीत सिंह बेदी ताकोमा में ‘एशियन ग्रॉसरी स्टोर’ नाम से किराना दुकान चलाता था और अमेरिकी सरकार की ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ यानी एसएनएपी योजना से जुड़े लाभार्थियों को राशन उपलब्ध करवाता था। आरोप है कि उसने जरूरतमंद लोगों के ईबीटी कार्ड से सामान की खरीदारी करने के बजाय कार्ड स्वाइप कर उन्हें नकद रकम देना शुरू कर दिया और बदले में उस रकम का 50 प्रतिशत अपने पास रखता था। अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक मार्च 2024 से जून 2025 के बीच की गई इस कथित धोखाधड़ी से अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर यानी करीब 5.3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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