महुआ मोइत्रा ने अपनी पोस्ट में कुछ अधिकारियों के नाम भी लिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ भेदभाव किया गया। हालांकि, ये आरोप महुआ मोइत्रा की ओर से लगाए गए थे। पुलिस अब इसी पोस्ट और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता ने भी इन्हीं टिप्पणियों को सांप्रदायिक उकसावे से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, डायमंड हार्बर के एक निवासी ने महुआ मोइत्रा की पोस्ट को लेकर शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पोस्ट में ऐसी बातें कही गईं, जिनसे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ सकता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। अब साइबर अपराध विभाग महुआ मोइत्रा से उनके पोस्ट और उसमें लगाए गए आरोपों के बारे में पूछताछ करेगा।विवाद की शुरुआत एक सितंबर को की गई महुआ मोइत्रा की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक कार्यक्रम का जिक्र किया था। महुआ ने आरोप लगाया था कि राज्य प्रशासन में काम करने वाले मुस्लिम अधिकारियों को जानबूझकर इस कार्यक्रम से दूर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मुस्लिम आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को कार्यक्रम में बुलाया ही नहीं गया या उन्हें वहां जाने से रोक दिया गया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि क्या इन अधिकारियों को उनके धर्म की वजह से कार्यक्रम से अलग रखा गया।पुलिस सूत्रों के अनुसार, महुआ मोइत्रा के खिलाफ दर्ज मामले में कुछ गैर-जमानती धाराएं भी लगाई गई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन धाराओं की संख्या या उनके नाम विस्तार से नहीं बताए गए हैं। फिलहाल पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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