शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने मंगलवार को आतंकवाद से लड़ाई में ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने की अपील की। इसमें आतंकवादियों की एक देश से दूसरे देश में सीमा पार आवाजाही रोकना भी शामिल है।बिश्केक में एससीओ देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक हुई। इसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इसे ‘बिश्केक घोषणापत्र’ कहा गया है। इसमें सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। साथ ही ईरान पर अमेरिका के हमलों की निंदा की।एससीओ सदस्य देशों ने हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में ‘दोहरा मापदंड’ अपनाना ‘अस्वीकार्य’ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए। बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र को इसमें केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद रोधी रणनीति को पूरी तरह लागू करना चाहिए।इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की अपील की। इसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को रोकना भी शामिल है। बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र को इसमें अहम भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद रोधी रणनीति को पूरी तरह लागू करना चाहिए। यह काम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार होना चाहिए।एससीओ में रूस, चीन, भारत, पाकिस् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं': एससीओ देशों के घोषणापत्र में क्या-क्या कहा गया; ईरान के साथ खड़े हुए?
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने मंगलवार को आतंकवाद से लड़ाई में 'दोहरा मापदंड' अपनाने को 'अस्वीकार्य' बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने की अपील की। इसमें आतंकवादियों की एक देश से दूसरे देश में सीमा पार आवाजाही रोकना भी शामिल है।बिश्केक में एससीओ देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक हुई। इसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इसे 'बिश्केक घोषणापत्र' कहा गया है। इसमें सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। साथ ही ईरान पर