इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 752 हो गई है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार करीब 2,502 लोग अभी भी लापता हैं। करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। अब तक लगभग 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, लापता लोगों में 933 जलविद्युत कर्मचारी भी शामिल हैं।बुधवार को हिमालय में करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई पर ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिरा। इससे भारी मात्रा में चट्टान और मलबा जमा हुआ और यह तेज बहाव के साथ लेंदे नदी में जा गिरा। इसके बाद पानी और मलबे का तेज सैलाब नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों की ओर बढ़ा। कई इलाकों में भारी तबाही हुई। त्रिशूली नदी का जलस्तर सिर्फ 30 मिनट में करीब 9 मीटर तक बढ़ गया। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसे भूकंप से जोड़ने की बात कही थी, लेकिन बाद में जांच में पाया गया कि दर्ज किया गया भूकंपीय संकेत खुद भूस्खलन की वजह से पैदा हुआ था।इस आपदा का असर नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी पड़ा है। चीनी अधिकारियों के अनुसार वहां कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता हैं। इनमें 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। चीन के अनुसार लापता विदेशी नागरिकों में 104 नेपाली, 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं।नेपाल में राहत और बचाव के लिए कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मदद की पेशकश की है। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस समेत कई संस्थाएं राहत कार्यों में सहयोग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
नेपाल बाढ़: तबाही के बाद सुरंगों में फंसे 900 मजदूर; त्रिशूली-3ए सुरंग में बना छोटा रास्ता, हवा-खाना भेजा गया
इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 752 हो गई है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार करीब 2,502 लोग अभी भी लापता हैं। करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। अब तक लगभग 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, लापता लोगों में 933 जलविद्युत कर्मचारी भी शामिल हैं।बुधवार को हिमालय में करीब 5,200 मीटर की ऊंचाई पर ग्ल