एक्सप्लेनर: नेपाल में मुर्दे कैसे बन रहे जिंदा लोगों के लिए खतरा; पीने का पानी हो रहा जहरीला, संकट कितना बढ़ा? नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का खतरा अब भले ही कम हो गया है, लेकिन कुछ नए खतरे यहां रहने वाले लोगों के लिए खड़े हो गए हैं। इनमें एक बड़ा खतरा यहां संसाधनों की कमी का पैदा हो गया है। इसके अलावा लगातार बढ़ती मृतकों और उनके शवों की संख्या भी नेपाल सरकार के लिए सिरदर्द बन गई है। दरअसल, नेपाल में जहां बाढ़ आई, उनमें से कई दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। इन जगहों पर शव को ठीक ढंग से रखने तक के इंतजाम नहीं है, जिससे खुले रखे शवों के सड़ना इस संवेदनशील क्षेत्र के लिए नया संकट बन गया है। चीन के तिब्बत में हुए हिमस्खलन का असर पूरे हिमालयी क्षेत्र में अभी भी दिख रहा है। स्थिति यह है कि नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई तीव्र बाढ़ की चपेट में आने वालों का आंकड़ा अभी भी ठीक-ठीक स्पष्ट नहीं है। बीते चार दिनों से लगातार हादसे का शिकार हुए लोगों की खोज जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 768 शव बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, करीब ढाई हजार लोग अभी भी लापता हैं। इनमें सैकड़ों भारतीय और भारतीय मूल के लोग शामिल हैं। आइये जानते हैं… पहले जानें- नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद अभी कैसे हैं हालात? 26 अगस्त (बुधवार) को नेपाल भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
एक्सप्लेनर: नेपाल में मुर्दे कैसे बन रहे जिंदा लोगों के लिए खतरा; पीने का पानी हो रहा जहरीला, संकट कितना बढ़ा?
एक्सप्लेनर: नेपाल में मुर्दे कैसे बन रहे जिंदा लोगों के लिए खतरा; पीने का पानी हो रहा जहरीला, संकट कितना बढ़ा? नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का खतरा अब भले ही कम हो गया है, लेकिन कुछ नए खतरे यहां रहने वाले लोगों के लिए खड़े हो गए हैं। इनमें एक बड़ा खतरा यहां संसाधनों की कमी का पैदा हो गया है। इसके अलावा लगातार बढ़ती मृतकों और उनके शवों की संख्या भी नेपाल सरकार के लिए सिरदर्द बन गई है। दरअसल, नेपाल में जहां बाढ़ आई, उनमें से कई दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। इन जगहो