नेपाल बाढ़ के बाद कितने भारतीय सुरक्षित लौटे? चीन की तरफ फंसे भारतीयों की क्या स्थिति? चीन से कितने भारतीय नेपाल पहुंच चुके हैं? करीब 100 भारतीय मूल के लोगों की चिंता क्यों बढ़ी? नेपाल कैसे संकटमोचक बन रहा भारत? नेपाल में बाढ़ की त्रासदी के बीच भारत ने राहत और बचाव के लिए अपनी मदद तेज कर दी है। इसके अनुसार 26 अगस्त की शाम पहला राहत विमान भेजा गया था। उसमें 10 टन राहत सामग्री थी। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाएं शामिल थीं। इसके बाद 27 अगस्त को दूसरा विमान करीब 37.5 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ। दूसरे विमान में टेंट, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, रसोई के सामान, जनरेटर, दवाएं और खाद्य सामग्री भेजी गई। इसके अनुसार भारत तीसरे राहत विमान को भी भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए करीब 12 से 13 टन सामान भेजे जाने की बात कही गई है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, महिलाओं के लिए जरूरी किट, भोजन, पानी साफ करने वाली गोलियां और दवाएं शामिल होंगी। राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक अब दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय राजदूत ने काठमांडू में इन लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इसके अलावा त्रिशूली वन जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचा लिया गया है।विदेश मंत्रायल के अनुसार चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और वे सुरक्षित हैं। इनमें से कई लोग अपने परिवार के संपर्क में हैं। भारतीय दूतावास भी उनसे लगातार संपर्क कर रहा है। परिवारों ने बीजिंग स्थित भारतीय द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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