निरंतर नियोजित शर्त को हटा दिया गया वहीं, सैनिक कल्याण विभाग के 20 फरवरी, 2026 के शासनादेश में उल्लिखित निरंतर नियोजित शर्त को हटा दिया गया है। इससे एक जनवरी, 2016 से पहले कार्यरत उपनलकर्मी, जो अभी भी सेवारत हैं, उन्हें न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। यह लाभ तीन फरवरी, 2026 के संशोधित शासनादेश के तहत दिया जाएगा। यदि किसी विभाग में सृजित, स्वीकृत पदों के विपरीत उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं तो नियुक्ति की तिथि से उन्हें स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियोजित माना जाएगा। जबकि अन्य को स्वीकृत पद के सापेक्ष कार्ययोजित होने तक उसी विभाग में सीधी भर्ती के पद के सापेक्ष वेतनमान के आधार पर कार्ययोजित किया जा सकेगा, जिसके लिए वह न्यूनतम अर्हता धारित करते हों। ये भी पढे़ं…उत्तराखंड: अभिनव देशवाल और अंकिता ध्यानी को मिलेगा खेल रत्न पुरस्कार, राष्ट्रीय खेल दिवस पर होगा सम्मान पद उपलब्ध न होने की स्थिति में अधिसंख्य पदों का सृजन, समायोजन करवाया जाएगा। इसके लिए एक अलग से व्यवस्था समिति गठित की जाएगी। वहीं, उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत पूर्व उपनलकर्मियों को भी वेतनमान का न्यूनतम और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता मिलेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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