अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएसएस) ने यह प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सोमवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया गया। पिछले साल भी ऐसा शुल्क लगाया गया था, लेकिन अदालतों ने इसे रोक दिया था। प्रस्तावित नियम लागू होने पर अमेरिका में विदेशी नागरिकों के काम करने, विश्वविद्यालय से नौकरी की ओर बढ़ने वाले छात्रों और H-1B कर्मचारियों को प्रायोजित करने वाले नियोक्ताओं की लागत बढ़ सकती है।एच-1बी कार्यक्रम के तहत अमेरिकी कंपनियां विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती हैं। इसके तहत हर साल 65,000 वीजा जारी किए जाते हैं। इसके अलावा उच्च डिग्री वाले कर्मचारियों के लिए 20,000 वीजा उपलब्ध हैं। इन वीजा को तीन से छह साल के लिए मंजूरी दी जाती है।पिछले साल ट्रंप के आदेश के बाद कुछ H-1B वीजा हासिल करने की लागत काफी बढ़ गई थी। इससे पहले विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर इन वीजा के लिए आमतौर पर करीब 2,000 से 5,000 डॉलर तक शुल्क देना पड़ता था।प्रस्तावित बदलाव का भारतीयों पर खास असर पड़ सकता है। H-1B वीजा हासिल करने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय हैं। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने 2024 में 3,99,402 H-1B याचिकाओं को मंजूरी दी थी। इनमें भारतीय मूल के लाभार्थियों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत थी। हाल के अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर अमेरिका में भारतीय मूल के 52 लाख से अधिक लोग रहते हैं।फ्रैगोमेन ने एक नोट में बताया कि ये प्रस्ताव पहले ही व्हाइट हाउस के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय (OMB) तक पहुंच चुके हैं। नोट के अनुसार, OPT शुल्क से संबंधित प्रस्तावित नियम 20 अगस्त को OMB को भेजा गया था और इसकी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
करीब 99 लाख हो जाएगा H-1B वीजा शुल्क: अमेरिका कर रहा तैयारी, भारतीयों पर पड़ेगा बड़ा असर
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएसएस) ने यह प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे सोमवार को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया गया। पिछले साल भी ऐसा शुल्क लगाया गया था, लेकिन अदालतों ने इसे रोक दिया था। प्रस्तावित नियम लागू होने पर अमेरिका में विदेशी नागरिकों के काम करने, विश्वविद्यालय से नौकरी की ओर बढ़ने वाले छात्रों और H-1B कर्मचारियों को प्रायोजित करने वाले नियोक्ताओं की लागत बढ़ सकती है।एच-1बी कार्यक्रम के तहत अमेरिकी कंपनियां विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त क