उत्तर भारत में भले ही मानसून कुछ कमजोर पड़ गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। जगह-जगह भूस्खलन से सैकड़ों मार्ग बंद हैं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी कुछ ऐसा ही हाल है, ज्यादातर नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार-पांच दिन छिटपुट से लेकर भारी बारिश होने की संभावना प्रबल बनी हुई है।मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान त्रिपुरा और ओडिशा में भारी बारिश दर्ज की गई और इन राज्यों में ज्यादातर जगहों पर 21 से 30 सेमी तक बारिश हुई। हरियाणा में भी कई जगहों पर 12-20 सेमी बारिश हुई, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, असम, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में 7-11 सेमी बारिश दर्ज की गई।भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर में कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात बाधित हुआ। सांबा-मानसर मार्ग पर लंबा जाम लगने से सैकड़ों वाहन फंस गए और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कटड़ा शाम के समय बादल छाने से श्री माता वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा रोकनी पड़ी।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्कूल से लौट रहे तीन छात्र-छात्राएं उफनती घोंघा नदी की तेज धारा में बह गए। इनमें भाई-बहन शामिल हैं। तीनों छात्र पुल की जगह नदी को पार कर घर जाने की कोशिश कर रहे थे। रविवार सुबह तीनों के शव बरामद किए गए। वहीं, मध्य प्रदेश के रतलाम में पिकनिक मनाने गए दो शिक्षक और एक छात्र की बारिश के चलत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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