विवाद की शुरुआत 19 अगस्त को शिलांग में हुई थी। वहां खासी स्टूडेंट्स यूनियन की बाइक रैली के दौरान असम के वाहनों पर हमले किए गए। पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में असम की गाड़ियों समेत कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और 16 लोग घायल हुए थे। इसके विरोध में असम के व्यावसायिक वाहन चालकों ने जोराबात और खानापारा में मेघालय जाने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर दी थी।कैब ऑपरेटरों ने जोराबात में मंत्री अतुल बोरा से मुलाकात के बाद बताया कि मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। साथ ही मेघालय सरकार हमारे ड्राइवरों और वाहनों को हुए नुकसान का मुआवजा भी देगी। प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए रविवार को असम सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मेघालय में फंसे असम के 246 लोगों में से 131 लोग शनिवार रात 8.30 बजे तक सुरक्षित वापस लौट आए हैं। बाकी बचे लोगों को भी जल्द से जल्द गुवाहाटी वापस लाने के लिए दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने दोनों राज्यों के बीच बनी सहमति का स्वागत किया है।प्रदर्शनकारी चालकों ने मंत्री के सामने नाराजगी भी जताई कि बैठक से पहले उनसे बात नहीं की गई। चालकों ने याद दिलाया कि एक साल पहले भी मुख्य सचिव ने लिखित में सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसी घटनाएं फिर हुईं। मंत्री अतुल बोरा ने चालकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्होंने चालकों की मांगों को मेघालय के सामने मजबूती से रखा है और असम के वाहनों पर हमलों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
असम और मेघालय में बनी बात: जोराबात में गाड़ियों की आवाजाही फिर से बहाल, लंबे समय के लिए सुलझेगा विवाद?
विवाद की शुरुआत 19 अगस्त को शिलांग में हुई थी। वहां खासी स्टूडेंट्स यूनियन की बाइक रैली के दौरान असम के वाहनों पर हमले किए गए। पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में असम की गाड़ियों समेत कम से कम 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और 16 लोग घायल हुए थे। इसके विरोध में असम के व्यावसायिक वाहन चालकों ने जोराबात और खानापारा में मेघालय जाने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर दी थी।कैब ऑपरेटरों ने जोराबात में मंत्री अतुल बोरा से मुलाकात के बाद बताया कि मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। स