कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है कि सीबीआई ने मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत से संपर्क किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले में केंद्रीय एजेंसी को सबसे पहले राज्य सरकार को पत्र लिखना होगा। क्या आरोप है? दरअसल, सीबीआई, सीबीआई ने हाल ही में नागेंद्र के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए राज्यपाल से संपर्क किया है। नागेंद्र पर राज्य सरकार के ‘कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन’ में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में आरोप हैं। प्रियांक खरगे ने क्या कहा? एक सवाल के जवाब में खरगे ने कहा, ‘उन्होंने किस आधार पर यह मांग की है। इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। अगर सीबीआई मुकदमा चलाना चाहती है, तो उन्हें पहले राज्य को लिखना होगा।’ जांच अधिकारियों को लेकर क्या कहा? यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने पिछले मुख्य सचिव रजनीश गोयल को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि उन्हें कोई मामला न सौंपा जाए। अगर कोई मामला सौंपा भी जाता है, तो जांच अधिकारियों सहित सभी कर्मचारी राज्य द्वारा उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर हमें ही जांच अधिकारी उपलब्ध कराने हैं, तो इसका मतलब है कि जांच हम ही कर रहे हैं।’ शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही में लगातार पांचवें दिन भी बाधा आई। विपक्ष की भाजपा और जेडी(एस) ने सदन में विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग की कि नागेंद्र को कैबिनेट से हटाया जाए।नागेंद्र ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ में पैसे के गबन के आरोपों के बाद सिद्धारमैया क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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