बकौल बहन उज्मा, ‘एक कोई और डॉक्टर ने कहा था कि इंसानों के साथ संपर्क (ह्यूमन कॉन्टैक्ट) नहीं रहने के कारण तबीयत खराब होती है। इमरान ने कहा कि उनकी आंखों का हाल पहले ऐसा नहीं था। 10 महीने से ना टीवी है और ना ही पढ़ने का कोई सामान (रीडिंग मैटेरियल) मुहैया कराया जा रहा है।‘इलाज के दौरान आंखों की स्थिति देखने के लिए कराए गए स्कैन का जिक्र करते हुए, इमरान खान की बहन ने कहा, हैमरेज होते हैं, वो दिखाते हुए उन्होंने (डॉक्टर) बताया कि अल्लाह का करम है कि आंख की एक नस खराब होने से बची हुई है। अब धीरे-धीरे आंखों की रोशनी वापस आ रही है। इमरान ने डॉक्टर आरिफ की तारीफ भी की।बकौल बहन, डॉक्टर ने एहतियात बरतने के लिए एक इंजेक्शन लेने की बात कही है। एक सुई लगने के बाद आंखों की स्थिति में सुधार हुआ है। ये टीका कई बार लगाया जाना है। मीडियाकर्मियों के एक अन्य सवाल पर उज्मा ने कहा, नजर पहले से बेहतर थी।इससे पहले 17-18 अगस्त को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को इलाज और स्वास्थ्य जांच के लिए निजी अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है। अदालत ने यह निर्देश मंगलवार को इमरान खान की आंखों की बीमारी से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।तीन सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस शाहिद वहीद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 73 वर्षीय इमरान खान को अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। अदालत ने कहा कि यह आदेश कैदी के मौलिक अधिकारों और उसकी सेहत एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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