इससे पहले एमबीए छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश के चंबा में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में भी उसका दोष सिद्ध हो चुका है। एक अन्य हत्या का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। ऐसे पकड़ा गया था हत्यारा मामला 11 जनवरी 2022 का है। मलोया निवासी महिला रात में बाजार गई थी लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव मलोया के जंगल में मिला था। जांच के दौरान पुलिस ने शव से डीएनए नमूना लिया। करीब 100 संदिग्धों के डीएनए नमूने चंडीगढ़ की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें एक नमूना पुराने छात्रा हत्याकांड के नमूने से मेल खा गया। डीएनए मिलान ने पुलिस को मोनू कुमार तक पहुंचा दिया। छह महीने बाद लौटा तो दबोचा मोनू कुमार शाहपुरा कॉलोनी का रहने वाला और पेशे से टैक्सी चालक था। वारदात के बाद वह चंडीगढ़ से चला गया था। करीब छह महीने बाद उसके लौटने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने एमबीए छात्रा और मलोया की महिला की हत्या की बात कबूल की थी। पुलिस जांच में मलोया की महिला की हत्या का तरीका छात्रा हत्याकांड से मिलता-जुलता पाया गया। अदालत ने अब मलोया हत्याकांड में भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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