खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने बुधवार को राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत (तृतीय संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की। नए नियम राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी होंगे। 30 दिन में देनी होगी जानकारी नए प्रावधान के तहत यदि किसी मेजर मिनरल की माइनिंग लीज वाले क्षेत्र में कोई माइनर मिनरल मिलता है तो लीजधारक को इसकी जानकारी 30 दिन के भीतर संबंधित खनन अभियंता या सहायक खनन अभियंता को देनी होगी। जब तक उस माइनर मिनरल को औपचारिक रूप से लीज में शामिल नहीं किया जाता, तब तक लीजधारक को उसका खनन या बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी। यह भी पढें- ऑनलाइन करना होगा आवेदन माइनर मिनरल को अपनी लीज में शामिल कराने के लिए लीजधारक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। संबंधित खनन अभियंता या सहायक खनन अभियंता आवेदन की जांच के बाद उसे एक महीने के भीतर निदेशालय को भेजेंगे। निदेशालय भारतीय खान ब्यूरो (IBM) से परामर्श के बाद प्रस्ताव को अगले एक महीने के भीतर राज्य सरकार के पास भेजेगा। राज्य सरकार प्रस्ताव प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर इस पर निर्णय लेगी। सरकार जरूरत पड़ने पर आवेदक से अतिरिक्त दस्तावेज या स्पष्टीकरण भी मांग सकती है। आवेदन खारिज करने की स्थिति में सरकार को इसके कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे। माइनर मिनरल जोड़ने पर बढ़ेगा वित्तीय भार नए मिनरल को लीज में शामिल कराने पर लीजधारक को अतिरिक्त वित्तीय देनदारियां भी पूरी करनी होंगी। उसे मेजर या माइनर मिनरल में लागू जो डेड रेंट अधिक होगा, उसका भुगतान करना होगा। इसके अलावा लागू डेड रेंट की दो गुना राशि के बराबर वन टाइम प्रीमियम भी देना होगा। साथ ही रॉयल्टी, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DM …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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