वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हैदराबाद में 16 अगस्त की घटना से जुड़े मामले को दबा दिया गया। इस घटना में जन सेना के सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे की कार से कुचले जाने के बाद एक युवती की मौत हो गई थी। पार्टी का कहना है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बीच ‘हॉटलाइन पॉलिटिक्स’ के कारण ऐसा हुआ। कार्तिक येल्लाप्रगडा ने क्या कहा? वाईएसआरसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कार्तिक येल्लाप्रगडा ने कहा कि लिंगमनेनी रमेश के बेटे के खिलाफ पांच दिन पहले एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा, ‘केस दर्ज हुए पांच दिन हो चुके हैं। अब तक इस खबर को दबाकर रखा गया, किसी ने कोई बयान नहीं दिया, किसी ने इस पर चर्चा नहीं की और वे बस इसलिए चुप रहे क्योंकि मिस्टर रेवंत रेड्डी और मिस्टर नायडू के बीच हॉटलाइन का रिश्ता बहुत साफ है।’ कार्तिक ने किस मामले से तुलना की? इस मामले में न्याय की मांग करते हुए, वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने जन सेना सांसद के बेटे से जुड़ी घटना की तुलना वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मंत्री सीडिरी अप्पलाराजू के बेटे से जुड़े इसी तरह के मामले से की। उन्होंने आरोप लगाया कि अप्पलाराजू और उनके बेटे दोनों को राजनीतिक बदले की भावना के कारण जेल भेजा गया था। वहीं. जन सेना सांसद के बेटे से जुड़े मामले को दबा दिया गया। मामला दर्ज किया साइबराबाद पुलिस ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने लिंगमनेनी संजूश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि चार दिन पहले उन्होंने लापरवाही और तेजी से कार चलाते हुए एक दुर्घटना में एक युवती की जान ले ली थी। क्या है पूरा मामला? माधापुर के आईटी कॉरिडोर में एक मॉल के स्टो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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