अल-नीनो के खतरे के कारण घरेलू उत्पादन में गिरावट की चिंताओं के बीच दालों के घटते आयात ने महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने 70 फीसदी सूखे की आशंका जताई है, जो व्यापारियों के साथ ही साथ उपभोक्ताओं के लिए भी चिंताजनक है। हालांकि सरकार का कहना है कि दालों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने के कारण घबराने की आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त तक देशभर में 108.14 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है। पिछले साल यह आंकड़ा 108.49 लाख हेक्टेयर था। इस लिहाज से दलहन का रकबा पिछले साल के मुकाबले 35 हजार हेक्टेयर कम है। तुअर और मूंग की बुआई सबसे पीछे चल रही है। अरहर का रकबा अब तक 40.31 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के 42.01 लाख हेक्टेयर की तुलना में 1.69 लाख हेक्टेयर कम है। मूंग का रकबा 32.05 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के 33.42 लाख हेक्टेयर से 1.37 लाख हेक्टेयर कम है। उड़द, कुल्थी और मोंठ का रकबा पिछले साल के मुकाबले अधिक होने से दलहन के कुल रकबे की कमी का अंतर कम हुआ है। अन्य दालों का रकबा 14 अगस्त तक 3.14 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के 3.40 लाख हेक्टेयर से 27 हजार हेक्टेयर पीछे है। कैलेंडर वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में भारत का दाल आयात घटकर 31.80 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले के 32.27 लाख टन से 1.46 पुीसदी कम है। इस अवधि के दौरान तुअर का आयात 5.05 लाख टन रहा। अधिकांश आपूर्ति मोजाम्बिक, तंजानिया और सूडान जैसे अफ्रीकी उत्पादक देशों से हुई। इस वर्ष जनवरी-जून के दौरान मोजाम्बिक 1.83 लाख टन से अधिक आपूर्ति के साथ तुअर का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा। इसके बाद म्यांमार से 1.23 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अल-नीनो: घटते आयात व कम पैदावार के चलते महंगी हो सकती हैं दालें, कीमत वृद्धि रोकने के लिए सरकार ने कसी कमर
अल-नीनो के खतरे के कारण घरेलू उत्पादन में गिरावट की चिंताओं के बीच दालों के घटते आयात ने महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने 70 फीसदी सूखे की आशंका जताई है, जो व्यापारियों के साथ ही साथ उपभोक्ताओं के लिए भी चिंताजनक है। हालांकि सरकार का कहना है कि दालों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने के कारण घबराने की आवश्यकता नहीं है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त तक देशभर में 108.14 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुआई हो चुकी है। पिछले साल यह आंकड़ा 10