फिर भी नहीं टूटी एकता… छात्र आंदोलन को दो गुटों में बांटने के पीछे भी राज्य सरकार की रणनीति ‘फूट डालो और राज करो’ बताई जा रही है, जिससे आंदोलन कमजोर पड़ जाए। लेकिन आंदोलन और मजबूत हो गया। दोनों गुटों के एक ही परिसर में दो टेंट लगे। देवेंद्र नाथ महतो एक राजनीतिक पार्टी जेएलकेएम के उपाध्यक्ष हैं और अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलन का सहारा लिया। महतो की भूमिका… छात्र आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो की भूमिका अहम मानी जाती है। दिल्ली के जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद झारखंड के छात्र आंदोलन को देखा गया। देश ही नहीं, विदेशी मीडिया भी इस आंदोलन को कवर करने पहुंची। कई सामाजिक संगठनों की ओर से सहयोग किया गया। सबसे दिलचस्प देवेंद्र नाथ महतो का आमरण अनशन रहा। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ी। सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इसके बाद उन्होंने जल ग्रहण किया, लेकिन भूख हड़ताल जारी रखी। भूख हड़ताल के दौरान ही वे विधानसभा का घेराव करने पहुंच गए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। जब 17 अगस्त को राज्य सरकार ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने सहित 18 परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया, तब देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ा। हालांकि,महतो ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपने एक पूर्व के बयान में सरकार को जरूरी सुझाव भी दिया था। साथ ही कहा कि था कि उनके पास बेहतर तरीके से परीक्षा आयोजित कराने का ब्लूप्रिंट है, जिसे वो सरकार को देंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
नौजवानों ने कर दिखाया:आजाद भारत में पहली बार किसी राज्य में 45 परीक्षाएं रद्द और स्थगित
फिर भी नहीं टूटी एकता... छात्र आंदोलन को दो गुटों में बांटने के पीछे भी राज्य सरकार की रणनीति ‘फूट डालो और राज करो’ बताई जा रही है, जिससे आंदोलन कमजोर पड़ जाए। लेकिन आंदोलन और मजबूत हो गया। दोनों गुटों के एक ही परिसर में दो टेंट लगे। देवेंद्र नाथ महतो एक राजनीतिक पार्टी जेएलकेएम के उपाध्यक्ष हैं और अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलन का सहारा लिया। महतो की भूमिका... छात्र आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो की भूमिका अहम मानी जाती है। दिल्ली के जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद झारखंड के छात्र आं