दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कहर बनकर टूट रहा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड में ज्यादातर जगहों पर गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फटा। भारी बारिश से पहाड़ी राज्यों में जगह-जगह भूस्खलन होने से कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। उत्तराखंड के पिथौरागड़ में बेली ब्रिज टूटने से सीमावर्ती क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अभी कम से कम अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई क्षेत्रों में 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है।उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 20-21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-22 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमीहै। विदर्भ और छत्तीसगढ़ को लेकर क्या अनुमान मध्य भारत में बारिश का असर अधिक व्यापक रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20-23 अगस्त के दौरान बारिश और 20-21 अगस्त तथा 23-24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
मौसम का हाल: दिल्ली-UP से उत्तराखंड तक भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन-बाढ़ का भी कहर; IMD के अनुमान में क्या?
दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कहर बनकर टूट रहा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड में ज्यादातर जगहों पर गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के बीच बादल फटा। भारी बारिश से पहाड़ी राज्यों में जगह-जगह भूस्खलन होने से कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। उत्तराखंड के पिथौरागड़ में बेली ब्रिज टूटने से सीमावर्ती क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश द