1 of 20 prayagraj flood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें प्रयागराज। यह है देश की प्रमुख पर्यटन नगरी…। यहां हर वर्ष लाखों लोग पवित्र नदियों के संगम में डुबकी लगाने आते हैं। शहर घूमते हैं और यहां की प्रतिष्ठा पूरे देश में पहुंचाते हैं। यहां गंगा और यमुना जैसी दो विशाल नदियां उफान के बाद भी खामोशी से बहती रहती हैं, लेकिन विडंबना देखिए… शहर के नाले-नालियां दो दिन की बारिश नहीं झेल पाते। जिस शहर में विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए, वहां के लोगों का जीवन इन दिनों नर्क जैसा है। नाले-नालियों और सीबर का पानी उफनाकर इनके घरों में भर गया है। गृहस्थी खराब होने से महिलाओं के आंसू थम नहीं रहे हैं। सांप-बिच्छू-कनखजूर आंखों के सामने उतरा रहे हैं। करंट फैलने के डर से बिजली काट दी गई है। डर के मारे बच्चों में चीख-पुकार मची है। भूख-प्यास लगने के बाद भी खत्म जैसी हो गई है। लाचारी ये है कि आंगन में भरा पानी बाहर सड़क पर फेंक नहीं सकते, क्योंकि पूरे इलाके की सड़कों और गलियों में पहले से ही चार-पांच फीट पानी भरा है। यह दर्द सिर्फ कुछ मोहल्लों तक सीमित नहीं है। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने, कोर्ट-कचहरी, बाजार हर जगह तो पानी भरा है। 2 of 20 लगातार हुई तेज बारिश के कारण नगर निगम परिसर में हुआ जल भराव - फोटो : अमर उजाला स्कूल बंद हो गए हैं। अस्पतालों में मरीजों का पहुंचना कठिन हो गया है। बाजार जब तब खुल रहे हैं। सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा मिलना मुश्किल हो गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
संगमनगरी में उफनाई आफत: स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने और कोर्ट सब जगह पानी-पानी; कई जगह पांच फीट तक जलभराव; फोटो
1 of 20 prayagraj flood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें प्रयागराज। यह है देश की प्रमुख पर्यटन नगरी...। यहां हर वर्ष लाखों लोग पवित्र नदियों के संगम में डुबकी लगाने आते हैं। शहर घूमते हैं और यहां की प्रतिष्ठा पूरे देश में पहुंचाते हैं। यहां गंगा और यमुना जैसी दो विशाल नदियां उफान के बाद भी खामोशी से बहती