शशि सिन्हा ने कहा, ‘हां, ये खबर बिल्कुल सही है। मैं इस बात का स्वागत करता हूं। देर से ही सही, कम से कम अब जागे तो। लेकिन इतनी बेइज्जती कराकर, घर की इज्जत बाजार में लाकर, रोड पर लाकर चारों तरफ खड़ा करके… ? ये तो शुरू में ही सोचकर चलना था ना कि हम क्या करने जा रहे हैं? फैमिली वाले लोगों के लिए कोई बात हो तो बैठकर सुलझाओ, घर में लड़ो-झगड़ो, फैसला करो, लेकिन कम से कम तमाशा मत बनाओ। घर में लफड़ा, झगड़ा और कन्फ्यूजन या कुछ भी हो, वह परिवार में होता है लेकिन तमाशा नहीं बनाना चाहिए।‘वहीं जब शशि से पूछा गया कि गोविंदा और सुनीता के बीच यह पूरा मामला कितने समय से चल रहा था? तो शशि सिन्हा ने बताया कि विवाद नया नहीं है। उन्होंने आगे कहा, ‘यह कोई हालिया विवाद नहीं था, बल्कि 2-3 साल से चल रहा था। तलाक तो 2 साल पहले ही फाइल हो चुका था। हालांकि, इतने लंबे समय से चल रहे पारिवारिक मतभेद को सार्वजनिक करने के बजाय आपस में बैठकर सुलझाने की कोशिश होनी चाहिए थी।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Exclusive: सुनीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, गोविंदा के मैनेजर बोले- घर की इज्जत बाजार में नहीं लानी चाहिए थी
शशि सिन्हा ने कहा, 'हां, ये खबर बिल्कुल सही है। मैं इस बात का स्वागत करता हूं। देर से ही सही, कम से कम अब जागे तो। लेकिन इतनी बेइज्जती कराकर, घर की इज्जत बाजार में लाकर, रोड पर लाकर चारों तरफ खड़ा करके... ? ये तो शुरू में ही सोचकर चलना था ना कि हम क्या करने जा रहे हैं? फैमिली वाले लोगों के लिए कोई बात हो तो बैठकर सुलझाओ, घर में लड़ो-झगड़ो, फैसला करो, लेकिन कम से कम तमाशा मत बनाओ। घर में लफड़ा, झगड़ा और कन्फ्यूजन या कुछ भी हो, वह परिवार में होता है लेकिन तमाशा नहीं बनाना चाहिए।'वहीं जब शशि से पूछ