विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश के तीस्ता मुद्दे पर रुख से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, “बांग्लादेश और भारत के बीच कई नदियां साझा हैं। सटीक संख्या बताएं तो दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं। दोनों देशों के बीच जल से जुड़ा कोई भी सहयोग या बातचीत बांग्लादेश के साथ हमारे द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग या संयुक्त नदी आयोग के साथ-साथ पहले से मौजूद संवाद तंत्र के जरिए ही होगी।“तीस्ता नदी लंबे समय से भारत और बांग्लादेश के बीच एक प्रमुख मुद्दा रही है। इसमें जल बंटवारे के साथ नदी प्रबंधन से जुड़े व्यापक विषय भी शामिल हैं। बांग्लादेश तीस्ता के पानी में अधिक हिस्सेदारी की मांग करता रहा है, जबकि व्यापक जल बंटवारा समझौता अब तक लंबित है। पश्चिम बंगाल की अपनी जल जरूरतों को लेकर आपत्ति भी इस समझौते के लंबित रहने की एक वजह रही है।भारत और बांग्लादेश के बीच 54 नदियां साझा हैं। वर्ष 1996 की गंगा जल संधि फरक्का बैराज पर सूखे मौसम में पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है। हालांकि, कई दौर की द्विपक्षीय बातचीत के बावजूद तीस्ता का मुद्दा अब तक हल नहीं हो सका है। 2011 में प्रस्तावित एक समझौते में तीस्ता के पानी का 42.5 प्रतिशत हिस्सा भारत और 37.5 प्रतिशत हिस्सा बांग्लादेश को देने की बात कही गई थी। बाकी हिस्से को अन्य जरूरतों के लिए रखा जाना था। हालांकि, पश्चिम बंगाल के विरोध के कारण यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।मुंबई पुलिस की ओर से 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों के खिलाफ उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बीच विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
MEA: ट्रंप की टिप्पणी से भारत-बांग्लादेश के बीच जल से जुड़े मुद्दों तक, विदेश मंत्रालय ने क्या-क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बांग्लादेश के तीस्ता मुद्दे पर रुख से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा, "बांग्लादेश और भारत के बीच कई नदियां साझा हैं। सटीक संख्या बताएं तो दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं। दोनों देशों के बीच जल से जुड़ा कोई भी सहयोग या बातचीत बांग्लादेश के साथ हमारे द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग या संयुक्त नदी आयोग के साथ-साथ पहले से मौजूद संवाद तंत्र के जरिए ही होगी।"तीस्ता नदी लंबे समय से भारत और बांग्लादेश के बीच एक प्रमुख