देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और इसके कारण कहीं बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं तो कहीं भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। जम्मू-कश्मीर के डोडा में भारी बारिश के बाद नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ओडिशा के मयूरभंज में भी लगातार बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर ने निचले इलाकों के लिए खतरा बढ़ा दिया है। सिक्किम में हालिया भूस्खलन के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का निर्देश दिया गया है। दक्षिण में तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं दिल्ली में भी अगले छह दिनों तक मौसम बदला रहने की संभावना है। डोडा में बारिश के बाद कैसे बने बाढ़ जैसे हालात? जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा गंडोह इलाके में ताजा भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बारिश के कारण बाजारों, सड़कों, नालों और नदियों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। चिनाब नदी भी ऊंचे जलस्तर पर बह रही है। ऐसे हालात में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तेज बहाव वाले पानी में वाहन चलाना या नालों और नदियों के करीब जाना जोखिम भरा हो सकता है। लगातार बारिश के बीच स्थानीय स्तर पर जलस्तर पर नजर रखना जरूरी हो गया है। ओडिशा में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ रहा है? ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा गंभीर बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने नए कम दबाव के क्षेत्र से आने वाले दिनों में बारिश और तेज होने की आशंका जताई गई है। इसका असर पहले से बारिश झेल रहे इलाकों पर पड़ सकता है। ऐसे में मयूरभंज के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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