शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैंने कुछ देर पहले उनके परिवार से बात की। वह एक अच्छे राजनेता थे। उनके विधानसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक उनसे मिलने गए और उनके पैर छुए। उनके पूरे परिवार ने बताया कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ उनके अच्छे संबंध थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।“सीएम अधिकारी ने कहा कि मामले में कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके हाथ से लिखे सुसाइड नोट की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट लेटरहेड पैड पर लिखा गया है और इसकी जांच की जाएगी कि उसमें क्या लिखा है और उसके पीछे क्या कारण था।उन्होंने कहा, “मेरे उनके साथ अच्छे संबंध थे और जब मैंने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उन्होंने मुझे संदेश भेजकर कहा था कि वह मुझसे मिलने आएंगे। मैंने उनके परिवार से पुलिस के साथ सहयोग करने को कहा है। टीएमसी के भ्रष्ट लोग उन्हें डराने की कोशिश कर सकते हैं।“मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद उन्होंने एक समिति बनाई थी और आशीष बनर्जी ने तुरंत उससे इस्तीफा दे दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “पुलिस निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। मैं भी उनके परिवार से मिलने जाऊंगा, क्योंकि उनके साथ मेरे अच्छे संबंध थे। आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं।“टीएमसी नेता आशीष बनर्जी का एक कथित सुसाइट नोट भी सामने आाया है। इसमें उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं था। फिर भी मुझे बदनाम करने के लिए ये सारे पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए गए। मैं छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ा रहा हूं। बर्दवान विश्वविद्यालय में छात्र संसद का महासचिव भी रहा। लेकिन मैंने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया। मैंने पूर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें