जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में चल रहे छात्र आंदोलन ने शनिवार को नया रुख ले लिया। आंदोलनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि अब तक छात्रों ने गांधीवादी तरीके और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र अब आंदोलन की रणनीति बदलने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने भगत सिंह के संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि छात्र अपनी मांगों के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नौकरी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने कांग्रेस और झामुमो पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं, छात्रों ने कहा कि अगर झारखंड के मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुनते हैं तो कांग्रेस को झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। ‘राजनीतिक दलों के पुतले जलाए जाएंगे’ छात्र नेता ने सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम देते हुए जेएसएससी के परिणाम रद्द करने, टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को निरस्त करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 18 अगस्त तक सरकार उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि आंदोलन के अगले चरण के तहत रविवार को झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और सरकार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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