ममता बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी को बार-बार बदनाम किया गया। उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए गए। लगातार दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि आशीष जमीन से जुड़े नेता थे। अपने विधानसभा क्षेत्र और जिले के लोगों से उनका करीबी रिश्ता था। ममता ने कहा कि आखिरी दिनों में आशीष ने जिस मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना किया, उससे यह त्रासदी और भी दर्दनाक हो जाती है।उन्होंने कहा, ‘पांच बार के विधायक, पूर्व उपाध्यक्ष और चेयरमैन के रूप में आशीष दा ने रामपुरहाट के विकास के लिए खुद को समर्पित किया। उन्होंने लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए। इसके बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव में रखा गया।‘ममता बनर्जी ने कहा कि लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहने के बावजूद आशीष को जिस तरह के उत्पीड़न और मानसिक दबाव से गुजरना पड़ा, उस पर सभी को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के बावजूद उन्होंने जिस उत्पीड़न और मानसिक दबाव का सामना किया, वह सोचने पर मजबूर करता है कि राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत क्या होती है।‘ममता बनर्जी ने आशीष बनर्जी को ऐसे नेता के तौर पर याद किया, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और जनसेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आशीष की कमी हमेशा महसूस होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आशंका जताई कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर मौजूद भ्रष्ट लोगों ने संभवतः उन्हें डराया-धमकाया हो या किसी ने उन्हें ब्लैकमेल किया हो। शुभेंदु अधिकारी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आशीष बनर्जी के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया था।इस बीच, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
‘बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाए गए’: आशीष बनर्जी की मौत पर पूर्व CM ममता का छलका दर्द, शुभेंदु सरकार को घेरा
ममता बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी को बार-बार बदनाम किया गया। उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए गए। लगातार दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि आशीष जमीन से जुड़े नेता थे। अपने विधानसभा क्षेत्र और जिले के लोगों से उनका करीबी रिश्ता था। ममता ने कहा कि आखिरी दिनों में आशीष ने जिस मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना किया, उससे यह त्रासदी और भी दर्दनाक हो जाती है।उन्होंने कहा, 'पांच बार के विधायक, पूर्व उपाध्यक्ष और चेयरमैन के रूप में आशीष दा ने रामपुरहाट के विकास के लिए खुद को समर्पित किया। उन्होंने लोगों