दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद ओडिशा के कम से कम छह जिलों में ताजा बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, सुंदरगढ़ और क्योंझर जिलों में 429 गांव और 52 ब्लॉक प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 41 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ से कटे इलाकों तक पहुंचने और प्रभावित लोगों को पका भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की है। क्या 127 से ज्यादा राहत केंद्रों में मिल रही जरूरी मदद? विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश कुमार पाटिल ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए 127 से अधिक राहत केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर पका भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बालासोर में जलका और बुधबलंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से बालासोर शहर के साथ बस्ता और भोगराई के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं, सुबर्णरेखा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बालासोर जिला प्रशासन को भी अलर्ट किया गया है। क्या 79 बचाव दल संभाल रहे हैं बाढ़ का मोर्चा? राजेश कुमार पाटिल के अनुसार, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और भद्रक जिलों में 79 बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 39, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की सात और अग्निशमन सेवा की 33 टीमें शामिल हैं। क्योंझर में भी भारी बारिश के कारण बैतरणी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी है। क्या जलका, बैतरणी और सुबर्णरेखा का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है? अधिकारियों के मुताबिक, बालासोर में जलका नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। बैतरणी नदी पू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
मौसम का कहर: ओडिशा में बाढ़ से 429 गांव प्रभावित, 41 हजार लोग सुरक्षित; हिमाचल में भूस्खलन से 114 सड़कें बंद
दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद ओडिशा के कम से कम छह जिलों में ताजा बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर, सुंदरगढ़ और क्योंझर जिलों में 429 गांव और 52 ब्लॉक प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 41 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ से कटे इलाकों तक पहुंचने और प्रभावित लोगों को पका भोजन, सुरक्षित पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की है। क्या 127 से ज्यादा राहत केंद्रों में मिल रही जरूरी मदद? वि