- अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक हासिल की स्पेस डॉकिंग के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। स्पैडेक्स मिशन के जरिए भारत अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग प्रदर्शित करने वाला दुनिया का चौथा देश बना। 5. सूर्य के अध्ययन के लिए अपना मिशन भारत ने 2023 में आदित्य-एल1 लॉन्च किया, जो भारत का पहला समर्पित सौर वेधशाला मिशन है। यह सूर्य का अध्ययन करने के लिए भेजा गया भारतीय मिशन है। 6. परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा में एक नए चरण में प्रवेश अप्रैल 2026 में भारत के स्वदेशी 500 मेगावॉट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने पहली क्रिटिकलिटी हासिल की। सरकार के अनुसार इसके साथ भारत अपने तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया। पूरी तरह चालू होने पर भारत रूस के बाद व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन सकता है। वहीं आईआरईएनए के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है। 7. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक पहचान संयुक्त राष्ट्र की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने डिजिटल पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी रिपोर्ट में भारत ने बताया कि पिछले एक दशक में 24 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Independence Day: गरीबी-कम साक्षरता से चांद-मंगल तक का सफर भारत ने कैसे तय किया, 79 साल में क्या-क्या बदला?
4. अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक हासिल की स्पेस डॉकिंग के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। स्पैडेक्स मिशन के जरिए भारत अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग प्रदर्शित करने वाला दुनिया का चौथा देश बना। 5. सूर्य के अध्ययन के लिए अपना मिशन भारत ने 2023 में आदित्य-एल1 लॉन्च किया, जो भारत का पहला समर्पित सौर वेधशाला मिशन है। यह सूर्य का अध्ययन करने के लिए भेजा गया भारतीय मिशन है। 6. परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा में एक नए चरण में प्रवेश अप्रैल 2026 में भारत के स्वदेशी 500 मेगावॉट प्रोटोटाइप फास्ट ब्री